रंगीला पंजाब – चंडीगढ़ में à¤à¤• दिन
रॉक गारà¥à¤¡à¤¨ à¤à¤• अदà¥à¤à¥à¤¤ कृति है जहाठwaste चीजों से इतने सारी और बहà¥à¤¤ ही सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° आकृतिया बनी हà¥à¤ˆ हैठ. शà¥à¤°à¥€ नेक चंद जी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाया गया ये गारà¥à¤¡à¤¨ ४० à¤à¤•ड़ में फैला हà¥à¤† है।  यहां जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तर आकृतियां वेसà¥à¤Ÿ बोतल, पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ, सिरेमिक टाइलà¥à¤¸ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ से बनी हैं।  इसके अलावा यहां à¤à¤• मानव निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¤°à¤¨à¤¾ à¤à¥€ है।
सà¥à¤–ना à¤à¥€à¤² तो चंडीगढ़ की सà¥à¤‚दरता को और à¤à¥€ बढ़ा देती है। à¤à¥€à¤² के दूसरी तरफ दिखती शिवालिक पहाड़िया इसकी खूबसूरती में चार चाà¤à¤¦ लगाती हैं। यहाठपहà¥à¤à¤š कर हमने बेटे को टॉय टà¥à¤°à¥ˆà¤¨ में घà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ à¤à¥€à¤² में बोटिंग का पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® बना ही रहे थे कि à¤à¤®à¤¾à¤à¤® बारिश शà¥à¤°à¥‚ हो गयी। à¤à¤• बार शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ˆ तो फिर रà¥à¤•ने का नाम ही नहीं लिया। वहां घूमने आये सà¤à¥€ लोग शेड के नीचे ही खड़े रहे और उस मौसम का आनंद लेते रहे।